dunia aas paas
Thursday, July 9, 2020
कविता -अंश
थोड़ा नहीं है
अर्पण कुमार
किसी को थोड़ा चाहना
किसी से थोड़ा पाना
थोड़ा नहीं है
एक छतरी में साथ चलते जैसे
थोड़ा बचना थोड़ा भीगना
थोड़ा नहीं है
इतिहास के अधगीले उस खंड को
अपना बना लेने के लिए ...
कविता-पोस्टर 42
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