Wednesday, July 22, 2020

कविता

ख़ूबसूरत शमादान में 
बड़ी ख़ामोशी से 
जलती है शमा 

परवाने के आने पर
पहरेदारी है 
बेदाग-से किले में ।

                    अर्पण कुमार 


कविता-पोस्टर 


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