कविता
अकेलापन
अर्पण कुमार
बाँट नहीं सकती है नदी
मेरा अकेलापन
हर नहीं सकती है
मेरी थकान
पोंछ नहीं सकता मैं
नदी के आँसू
भर नहीं सकता
उसकी उदासी
अपनी अँजुरी में
मगर मैं
नदी के लिए
और नदी मेरे लिए
नहीं हैं अनुपयोगी
फिर भी ।
( सन् 2002 में प्रकाशित, अर्पण कुमार के पहले कविता-संग्रह 'नदी के पार नदी' से साभार)
कविता-पोस्टर 37
अकेलापन
अर्पण कुमार
बाँट नहीं सकती है नदी
मेरा अकेलापन
हर नहीं सकती है
मेरी थकान
पोंछ नहीं सकता मैं
नदी के आँसू
भर नहीं सकता
उसकी उदासी
अपनी अँजुरी में
मगर मैं
नदी के लिए
और नदी मेरे लिए
नहीं हैं अनुपयोगी
फिर भी ।
( सन् 2002 में प्रकाशित, अर्पण कुमार के पहले कविता-संग्रह 'नदी के पार नदी' से साभार)
कविता-पोस्टर 37

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