Friday, July 3, 2020

कविता

अकेलापन
अर्पण कुमार

बाँट नहीं सकती है नदी
मेरा अकेलापन
हर नहीं सकती है
मेरी थकान

पोंछ नहीं सकता मैं
नदी के आँसू
भर नहीं सकता
उसकी उदासी
अपनी अँजुरी में

मगर मैं
नदी के लिए
और नदी मेरे लिए
नहीं हैं अनुपयोगी
फिर भी ।

( सन् 2002 में प्रकाशित, अर्पण कुमार के पहले कविता-संग्रह 'नदी के पार नदी' से साभार)

कविता-पोस्टर  37


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