Monday, June 29, 2020

कविता

काव्योत्सव 
अर्पण कुमार

लापरवाही से बताया
नदी ने
अपना जन्मदिन
उस दिन
चलताऊ अन्दाज़ में
मैंने मुबारक़बाद दिया उसे

फिर यह
क्योंकर हुआ
कि नदी का जन्मदिन
मेरा काव्योत्सव बन गया । 

(वर्ष 2002 में प्रकाशित अर्पण कुमार के पहले कविता-संग्रह 'नदी के पार नदी' से साभार)

कविता-पोस्टर

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